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हर समय उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसा महसूस होने का कारण ओवरईटिंग, तनाव और डर à¤à¥€ हो सकता है
अपच, गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹-इसोफेजियल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज, पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° आदि à¤à¥€ मतली का कारण हो सकते हैं,
जी मचलना या मितली होने पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤¸à¤¾ महसूस होता है कि उलà¥à¤Ÿà¥€ (Vomit) आने वाली है, लेकिन वासà¥à¤¤à¤µ में à¤à¤¸à¤¾ होता नहीं है. à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ (Acidity), मोशन सिकनेस (चकà¥à¤•र, बेचैनी), इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (Infection) आदि के कारण मितली आना और उलà¥à¤Ÿà¥€ का अनà¥à¤à¤µ होना बहà¥à¤¤ असामानà¥à¤¯ नहीं है, लेकिन अगर हर समय जी मिचला रहा हो और दिनà¤à¤° की गतिविधियों में परेशानी खड़ी कर रहा हो तो इसे गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना जरूरी है.उलà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¤• अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ शारीरिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जो पेट के अंदर मौजूद पदारà¥à¤¥ को मà¥à¤‚ह के रासà¥à¤¤à¥‡ बाहर निकाल देती है. मितली होने पर पेट में परेशानी, चकà¥à¤•र आना, चिंता महसूस होने लगती है.
मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ दोनों ही मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के उसी à¤à¤¾à¤— से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ की जाती है जो किसी काम को करने के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ इचà¥à¤›à¤¾ नहीं होने का à¤à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤•ट करता है. उलà¥à¤Ÿà¥€ वासà¥à¤¤à¤µ में à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ है जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के संकेत पर काम करता है. यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚, वयसà¥à¤• और बूढ़े सà¤à¥€ उमà¥à¤° के लोगों में हो सकता है. यहां जानिठकेवल खाने-पीने से ही नहीं इन 8 कारणों से à¤à¥€ हो सकती है मितली की समसà¥à¤¯à¤¾.
ओवरईटिंग :
ओवरईटिंग à¤à¥€ मितली पैदा करती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पाचन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को ठीक से पचा नहीं पाती है. यह उन लोगों में बहà¥à¤¤ आम है जिनका पाचन तंतà¥à¤° कमजोर है या जिनकी सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤ˆ है. सरà¥à¤œà¤°à¥€ का कारण à¤à¥€ पाचन तंतà¥à¤° के कारà¥à¤¯ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है. बेहतर होगा कि ओवरईटिंग से बचें. घरेलू उपचार में पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ का किसी à¤à¥€ रूप में सेवन करें. अजवाइन, इलाइची या सौंफ à¤à¥€ खा सकते हैं.
फूड पॉइजनिंग :
फूड पॉइजनिंग तब होती है जब बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खा लिया हो. फूड पॉइजनिंग के आम लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में बà¥à¤–ार, पेट दरà¥à¤¦, दसà¥à¤¤, असहजता, जी मिचलना और उलà¥à¤Ÿà¥€ आना है. चूंकि, फूड पॉइजनिंग के कारण गंà¤à¥€à¤° डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ होता है तो खà¥à¤¦ को फà¥à¤²à¥‚इडà¥à¤¸ और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ से हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखें. यानी पानी व अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥ अधिक पिà¤à¤‚. फैटी फूडà¥à¤¸, डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸, कैफीन और à¤à¤²à¥à¤•ोहल से दूर रहें. डॉकà¥à¤Ÿà¤° फूड पॉइजनिंग को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ देंगे.
तनाव, à¤à¤¯ और चिंता:
किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को तनाव हो, किसी बात का डर हो या फिर चिंता से लगातार घिरा हà¥à¤† हो तो उसका शरीर अलग तरह से काम करता है. नतीजा पेट और आंत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं जैसे मतली या उलà¥à¤Ÿà¥€, बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग, दसà¥à¤¤, कबà¥à¤œ और यहां तक कि इरिटेबल बाउल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® à¤à¥€ शामिल है. तनाव और डर के कारण शरीर में अतिरिकà¥à¤¤ à¤à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¾à¤²à¤¾à¤ˆà¤¨ रिलीज होता है जो पाचन तंतà¥à¤° में असंतà¥à¤²à¤¨ पैदा करता है.
डर:
किसी डर के कारण पैदा हà¥à¤ˆ मितली की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ होती है और इसके लिठकà¥à¤› करने की जरूरत नहीं होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ ठीक होती है तो यह अपने आप ठीक हो जाता है. सहज और आराम से रहने की कोशिश करें. अगर तनाव या चिंता गंà¤à¥€à¤° है तो लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठउस पर काम करना होगा. बेहतर होगा कि सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद लें.
गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸:
यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसमें पेट की मांसपेशियां किसी कारण से ठीक से कारà¥à¤¯ नहीं करती हैं और इसलिठयह पेट को ठीक से खाली करने से रोकता है. अपच, गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹-इसोफेजियल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज (जीईआरडी), पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° रोग या इरिटेबल बाउल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (आईबीà¤à¤¸) जैसे विकार à¤à¥€ मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ का कारण हो सकते हैं, लेकिन ये कà¤à¥€ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¤£ नहीं होते हैं. गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ के लिठकोई इलाज नहीं है लेकिन कà¥à¤› à¤à¤‚टी-इमेटिक दवाà¤à¤‚ मतली के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को दूर करने में मदद कर सकती हैं.
कीमोथैरेपी और कैंसर:
अकà¥à¤¸à¤° कैंसर का इलाज करने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने वाली कीमोथेरेपी का दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ मितली और कई मामलों में उलà¥à¤Ÿà¥€ होता है. हालांकि यह इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली दवाओं पर निरà¥à¤à¤° करता है. साथ ही इस पर à¤à¥€ कि कौन-सा रेडिà¤à¤¶à¤¨ उपचार के लिठउपयोग किया गया है.
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ और अगà¥à¤¨à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन:
पितà¥à¤¤ की पथरी और अगà¥à¤¨à¤¾à¤¶à¤¯ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प मितली और उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है. अगà¥à¤¨à¤¾à¤¶à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾ में ऊपरी पेट में दरà¥à¤¦ होता है, जबकि पितà¥à¤¤ की पथरी में ऊपरी दाà¤à¤‚ पेट में दरà¥à¤¦ होता है जो गंà¤à¥€à¤° और निरंतर होता है और यह दिनों तक रह सकता है. मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ वाले लोगों में यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° हो सकती है.
माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨:
à¤à¤¸à¥€ कोई à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जो सà¥à¤•ल (खोपड़ी) के अंदर दबाव बढ़ाती है, जिससे सेरेबà¥à¤°à¤²-सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² फà¥à¤¯à¥‚इड पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है, मितली और उलà¥à¤Ÿà¥€ का कारण बन सकता है. माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ à¤à¤• à¤à¤¯à¤‚कर सिरदरà¥à¤¦ है जो कि आमतौर पर मितली, उलà¥à¤Ÿà¥€ का कारण बनता है. इस असहज सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से बचने के लिठघर से बाहर निकलें या खिड़की खोलकर गहरी सांस लेकर ताजी हवा लें. अपने कपड़े ढीले करें. हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहें, लेकिन à¤à¤• साथ बहà¥à¤¤ अधिक पानी न पिà¤à¤‚.
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